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साँखु नगरभित्रका बिभिन्न जात्रा परम्परा, नाच, पर्व तथा रागहरु

साँखु नगरभित्रको जात्रा परम्पराः 

क. बज्रयोगिनी जात्रा – ८ दिन 
ख. बुद्ध जात्रा – १ दिन (साय्मी दबु) 
ग. गणेश जात्रा – १ दिन (साःखा टोल, योमह्री पुन्ही) 
घ. महादेव जात्रा – १ दिन (ज्योर्तिलिङ्गेश्वर, जनैपूर्णे) 
ङ. कृष्ण जात्रा – १ दिन (इपाटोल, कृष्णाष्टमीको भोलि) 
च. देवी जात्रा भौद्म जात्रा – १ दिन  (इपाटोल, माघे संक्रान्ती) 
छ. नारांद्मः जात्रा – ३० दिन (माघमेला) 
ज. भिंद्मः जात्रा – १ दिन (भिंद्धादशी) 
झ. गोरखनाथ जात्रा – १ दिन (माघपूर्णे÷सिपून्ही, कपाली समुदाय) 
ञ. गाई जात्रा – ८ दिन (बिभिन्न झाँकी सहित) 
ट. नवदूर्गा जात्रा – ४ दिन (भक्तपूरबाट ल्याउने) 


महादेव जात्रा 


नाच 
क. देवी नृत्य (परम्परागत चर्या नृत्य) 
ख. घिन्ताघिसीं 
ग. ताहामचाः 
घ. बंमनू जात्रा 
ङ. नरसिं जात्रा 
च. हिले जात्रा (वाः पिज्याः प्याखं) 
छ. माकः प्याखं (शाहीखलको नृत्य) 


पर्व 
क. सिठी नखः 
ख. गठांमुगः चह्रे 
ग. क्वाति पून्ही 
घ. योमरी पून्ही 
ङ. घ्यः चाकु संल्हु 
च. यँन्या पून्ही 
छ. मोहनी नखः (दशैं) 
ज. स्वन्ति नखः (तिहार) 
झ. हलिमली पून्ही 
ञ. पासा चह्रे 
ट. सिला चह्रे (शिवरात्री) 

राग 
चैत्र बैशाख – धातु राग 
जेष्ठ आषाढ – सिन्हाज्या गीत÷दीपक राग 
श्रावण भाद्र – मल्हार रागः (सिलू म्ये÷बसुन्धरा म्ये) 
आश्विन कार्तिक – मालश्री÷नारायणजू 
आषाढ देखी कार्तिक सम्म चतुर्मास – तुलसी गीत 
मंसिर पौष – सामाज्याम्ये 
माघ फागुन – माघे गीत माघ 
चैत्र – बहान्त राग


(लेखकः प्रकाशमान सक्व| २०६८ कार्तिक | साँखु सम्पदा पर्यटन तथा वातावरण समाज)



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